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Krishna Janmashtami

नमस्ते दोस्तों कैसे हे आप । krishna janmashtami की हार्दिक सुभकामनाये। आज में आपको बताऊंगा कृष्णा जन्मष्टमी से जुड़ी रोचक तथ्य।

आप सब तो जानते ही होंगे जन्माष्टमी पर्व कृष्णा जी के जनम दिवस के तौर पर बनाया जाता हे।

जय श्री कृष्णा।

krishna murlidhar

Janmashtami kab मनाई jati he

इस साल कृष्ण जन्माष्टमी 11 august 2020 को मनाया जाएगी. यह हर साल श्रावण या भद्रपद के माह में मनाया जाता है.

यह त्यौहार अगस्त या सितंबर महीने में आता है. हिंदू पंचांग के अनुसार यह कृष्ण पक्ष के आठवें दिन को रोहिणी नक्षत्र में मनाया जाता है

Janmashtami kyu मनाई jati he

भारत में जन्माष्टमी sri krishna के जन्मोत्सव के रूप बनाया जाता है. इसी दिन श्री कृष्ण का जन्म हुआ था

श्री कृष्ण को भगवान विष्णु का आठवां अवतार माना गया है

श्री कृष्ण mathura में देवकी और वसुदेव के आठवें पुत्र के रूप में जन्मे थे. उस समय कंस नाम का अत्याचारी व्यक्ति भी था.

यह kansa श्री कृष्ण के मामा भी थे. भविष्यवाणी मैं कंस को श्री कृष्ण द्वारा मृत्यु होना लिखा था

यह जानकर कंस ने कृष्ण के माता पिता अर्थात देवकी और वसुदेव को कारागार में बंदी बना दिया

भविष्यवाणी के अनुसार देवकी का आठवां पुत्र कंस की मृत्यु का कारण बनना था

कंस ने देवकी और वसुदेव के 6 बच्चों की हत्या कर दी

सातवें पुत्र बलराम जन्में और आठवें पुत्र कृष्ण

vasudev carrying krishna to gokul

जब krishna जन्मे तो उनके पिता वासुदेव ने किसी तरह उन्हें mathura से gokul ले गए। वहा वे नंद और यशोदा के घर पर कृष्ण को सौप आये

कृष्ण कुमार अवस्था तक nanda और yashoda के घर पर पलते हैं बड़े भाई बलराम के साथ.

sri कृष्ण बड़े होकर अंत में कंस का वध करते हैं और देवकी और वसुदेव कारागार से छूट जाते हैं

उनका जन्म मथुरा में होना और पलना गोकुल में यह कहानी बड़ी रोचक है और श्री कृष्ण के इसी अद्भुत जन्म को हर साल कृष्ण जन्माष्टमी के रूप में बनाया जाता है

Janmashtami Pe Kya Kya hota he

कृष्ण भारत के लोकप्रिय देव है. जन्माष्टमी कृष्ण से संबंधित होने का कारण भारत का एक महत्वपूर्ण त्यौहार है.

1. दही हांडी तो आपने सुना ही होगा. इसमें कई लोग मिलकर एक के ऊपर एक चढ़कर एक पिरामिड सा बना देते हैं. ऊंची टंगी दूध, दही की हांडी व मटकी को फोड़ने का प्रयास करते हैं

2. इस दिन लोग सुबह शाम मंदिर में एकत्रित हो जाते हैं. कृष्ण की विशेष aarti व puja होती है. मंदिरों में गीता का पाठ होता है. लोग भागवत gita पढ़ते व पढ़ाते हैं

3. mathura, vrindavan में विशेष रूप से त्योहार मनाया जाता है. यहां पर 1-2 हफ्ता तक लंबा त्यौहार चलता है

4. आंध्र प्रदेश में कम उम्र के बालक krishna की पोशाक पहनकर, हाथों में मुरली लेकर भक्ति गीत गाते हैं

5. तमिलनाड में लोग अपने घर के आंगन को चावल के भात से सुंदर आकृति बनाते हैं जिसे वहां kolam कहा जाता है

6. लोग इस दिन उपवास व्रत आदि भी करते हैं. श्री कृष्ण रात्रि को जन्मे थे इसलिए भक्त सुबह से लेकर अगले दिन की सुबह तक व्रत करते हैं. अगले दिन की सुबह होने पर ही भक्त जल या भोजन लेते हैं

7. कृष्ण vaishnavo के प्रथम देव है इसलिए वैष्णव जन जन्माष्टमी काफी रोमांच व भक्ति के साथ मनाते हैं
भारत में फैले अनेक iskcon मंदिरों में जन्माष्टमी विशेष रूप से मनाई जाती है

Iskcon ki Janmashtami

पूरी दुनिया में इस्कॉन के कई मंदिर है. इस्कॉन प्रभुपाद द्वारा शुरू किया गया krishna consciousness का अंग है

इस्कॉन vaishnav समुदाय से जुड़ा है। जन्माष्टमी वैष्णव समुदाय और इस्कॉन के लिए अति प्रिय है और बहुत महत्वपूर्ण पर्व है

इस्कॉन की जन्माष्टमी अनोखी व हटकर होती है.

इस्कॉन में भक्त जन सुभे जल्दी उठकर आरती पूजा करते हैं. कृष्ण की स्वर्ण रूपी मूर्ति को तैयार किया जाता है.

अनेक प्रकार के व्यंजन तैयार किए जाते हैं ताकि यह कृष्ण को भोग में समर्पित किए जा सके. 108 प्रकार के व्यंजन तैयार किया जाते हैं भोग के लिए.

कृष्ण ki murti को शुभ सामग्री तथा अत्यंत दुर्लभ फूल, जल, सुगंध, पंचामृत से नहलाया जाता है

Krishna se juri Dahihandi

क्या आप जानना चाहते हैं कि जन्माष्टमी को दही हांडी क्यों manayi जाती है. माखन se भरी matki क्यों phodi जाती है ?

krishna makhan chor

श्री कृष्णा अपने बालक काल में बड़े नटखट थे. उन्हें दूध दही और मक्खन अत्यंत प्रिय था.

उनकी मां yashoda हमेशा कृष्ण से परेशान रहती थी। वह घर का सारा माखन खा जाते थे.

krishna अपने माखन प्रेम के लिए ना केवल अपने घर का माखन खाते थे परंतु वह आस पड़ोस के अपने गांव के लोगों के घर का भी माखन खा जाते थे

लोग कृष्ण से परेशान होकर माखन की मटकी को बांधकर ऊंचाई पर लगा दे देते

कृष्णा अपने बाल मित्रों के साथ मिलकर पिरामिड सा आकर बनाते थे। एक के ऊपर एक चढ़कर वह माखन की मटकी तक पहुंच जाते थे और सारा माखन खा लेते

इस तरह से krishna माखन चोर के नाम से भी कहलाने लगे

यही याद रखते हुए लोग जन्माष्टमी के पर्व पर दही हांडी का खेल खेलते हैं

निष्कर्ष (conclusion )

इसी के साथ हम यहाँ कृष्णा जन्मोत्सव लेख का अंता करते हे। अगर आपको हमारा लेख अच्छा लगा हो तो हमें कमेंट में जरूर बताये और अपने मित्र व निजी जनो के साथ शेयर करे।

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जय श्री कृष्णा।

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