Home Navratri Navratri साल में do baar kyu manayi jaati he

Navratri साल में do baar kyu manayi jaati he

नमस्ते दोस्तों. कैसे हे आप सभी. नवरात्री बड़ा धूमधाम और श्रद्धा से मनाये जाने वाला त्यौहार हे. नवरात्री आते ही हम सभी मा जगदम्बा की भक्ति में मगन हो जाते हे. ईश्वर की शक्ति को हम मां durga, bhavani, parvati के नाम से भी जानते हैं। क्या आप जानना चाहते हैं कि navratri साल में do baar kyu manayi jaati he

आज मैं आपको बताऊंगा नवरात्रि साल में दो बार ही क्यों मनाई जाती है और इसके पीछे की मान्यता क्या है और नवरात्रि का महत्व क्या है आदि

ma durga statue and puja

1 saal me navratri kitni baar aati he

वैसे तो साल में नवरात्रि चार बार होती है. जिसमें दो नवरात्रि हम सांसारिक लोगों के लिए होती है और अन्य दो नवरात्रि gupt होती है जो साधक व तांत्रिक आदि मनाते हैं.

4 navratris in a year(name) 

  • Paush Navratri
  • Chaitra Navratri or Basant Navratri
  • Ashadha Navratri 
  • Sharad Navratri or Maha Navratri 

साल में चार ऋतु होती है. इन्हीं ऋतु से संबंधित यह चार नवरात्रि भी है. Chaitra और sharad navratri दो प्रमुख मनाए जाने वाली नवरात्रि है जिससे हम सब परिचित हैं. अन्य दो नवरात्रि paush और ashadha navratri के बारे में आपने नहीं सुना होगा यह gupt होती है. 

gupt navratri विशेष प्रकार की साधना करने के लिए होती हैं. यह उच्च कोटि के साधक ही करते हैं. 

chaitra navratri ka mahatva (क्यों मनाई जाती हे )

चैत्र नवरात्रि को हम वसंत नवरात्रि के नाम से भी जानते हैं यह नवरात्र मार्च और अप्रैल के मॉस में पड़ता है. यह 9 दिन चलने वाला लंबा त्यौहार है 

 यह chaitra मास के शुक्ल पक्ष में पड़ता है.

 chaitra शब्द का अर्थ – नए साल की शुरुआत है. 

Chaitra navratri ki pauranik manyata

Godess Maa Durga kills mahisasura

पौराणिक कथा की बात करें तो एक समय की बात है जब mahishasura नाम का राजा था जो बड़ा दम्भी और अत्याचारी था. 

एक बार उसने अजर व अमर होने की ठानी और ब्रह्मा जी की तपस्या करने लगा. ब्रह्मा से वरदान में अथाह शक्ति पाने के बाद वह  अहंकार में चूर हो गया.

उसने वरदान में किसी भी जानवर या आदमी से मारा ना जाने की मांगा की.

mahishasura को ऐसा लगता था कि वह किसी स्त्री से पराजित नहीं हो सकता क्योंकि स्त्री तो नाजुक व कमजोर होती है.

mahishasura ने चारों दिशाओं में उत्पात मचा दिया. वह दम्भ में जीवो पर अत्याचार करने लगा.

तब मां parvati ने हिमालय की पुत्री durga के रूप में जन्म लेकर महिषासुर से युद्ध करा

यह युद्ध 15 दिन लंबा चला. अंतिम में महिषासुर मारा गया और मां दुर्गा mahishasura mardini कहलाई. 

Sharadh navratri ka mahatva (क्यों मनाई जाती हे)

सभी चार नवरात्रों में यह sharad नवरात्रि मुख्य होती है. इस नवरात्रि को maha navratri के नाम से भी संबोधित किया जाता है

यह नवरात्र अश्विन मास में पड़ता है

जब मौसम ग्रीष्म से ठंड की और प्रारंभ करता है तब शरद नवरात्रि पड़ता है. यह नवरात्रि मां के 9 स्वरूपों के और समर्पित है.

Rama worship maa durga and makes sharadh navratri

इस नवरात्र को पहली बार sri ram ने बनाया था जब वह ravan को परास्त करने के लिए कूच करे थे.

इससे पहले शरद नवरात्रि नहीं मनाई जाती थी सिर्फ चैत्र नवरात्रि मनाई जाती थी.

नवरात्री के नवे दिन ram विजय होते हैं और यह दिन mahanavami के नाम से भी मनाया जाता है

Sri raam ने जगदंबा की आराधना करके मां का आशीर्वाद प्राप्त करके ravana पर विजय प्राप्त कर ली.  सही मायने में शरद नवरात्रि रावण के श्री राम द्वारा पराजय के बाद बनाई जाती है  

Navratri ka adhyatmik rahasya

सांसारिक जीवन में परिश्रम करते करते मानव मन से कमजोर हो सकता है.  मानव का मस्तिष्क और मन हमेशा विकारों से घिरा रहता है.

नवरात्रि वो पर्व है जब मानव संसारी क्रियाओं से हटकर मानस की आंतरिक क्रियाओं की ओर अग्रसर होता है

नवरात्रि मन के विकारों का दूर कर अध्यात्मा की ओर बढ़ना है

नवरात्रि में स्त्री, पुरुष व्रत आदि कर adishakti का ध्यान व वंदन करते हैं जिससे उनका अंतह करण शुद्ध व सरल होता है

नवरात्रि shakti तत्व का उत्सव है। अगमा shastra के अनुसार ‘shakti’ को 3 रूपों में पूजा जाता है – इच्छा शक्ति, क्रिया शक्ति और ज्ञान शक्ति

सृष्टि त्रिगुणात्मक है. पुराणों के अनुसार शक्ति को maha Saraswati, maha laxmi और maah kali के रूप में पूजा गया हैं। 9 दिनों तक Devi Mahatmya और chandi path का जाप किया जाता है

मन के 6 विकार होते हैं – काम(desire), क्रोध(anger), लोभ(greed), मद (हठ), मोह(attachment) और मात्सर्यं (envy)

यह विकार सदैव मनुष्य के नियंत्रण में होना चाहिए यदि यह विकार नियंत्रण से बाहर हो जाए तो adhyatmik पथ पर बाधा बन सकते हैं 

इन 9 दिनों में मा ‘shakti’ की कृपा से ये विकार स्वतः ही मिट जाते हैं

इसीलिये, इन 9 दिनों में tapasya और upasana करी जाती है और साथ ही dhyaan भी बहुत महत्वपूर्ण है 

Navratri ke piche Vaigyanik karan

Vigyaan and Doctor

साल में परने वाली विशेष 2 नवरात्रि हमेशा दो मौसमों के बदलाव के काल में आती हैं.  दूसरी भाषा में कहें तो एक मौसम दूसरे मौसम में परिवर्तित होता है.  इस परिवर्तन काल में नवरात्रि मनाई जाती है

जब सर्दी खत्म होने को होती है और गर्मी शुरू हो रही होती है, तब चैत्र मास में chaitra नवरात्रि बनाया जाता है

इसी प्रकार जब घर में बारिश का मौसम सर्दी की तरफ प्रारंभ होता है तब sharad नवरात्रि मनाई जाती है

रितुओं का यह बदलाव ही प्रमुख समय होता है जब आप और हम विशेष रूप से अधिक बीमार पड़ते हैं

इसलिए इस समय 9 दिन के नवरात्रि पर यदि हम व्रत उपवास करें. तो हमारे शरीर व मन का तनाव दूर होता है

तथा हमारे शरीर में उत्साह व जीवन का संचार होता है. साथ में यदि हम धार्मिक अनुष्ठान करके तपस्या आदि करें तो हमारी आत्मिक शुद्धि भी होती है

यह वैज्ञानिक तथ्य भी है, यदि हम नियमित तौर पर उपवास व्रत आदि करें तो हमारी आत्म निरोधक शक्ति भी बढ़ती है.

शुभ नवरात्रि | जय मां दुर्गे ||

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Krishna Janmashtami

नमस्ते दोस्तों कैसे हे आप । krishna janmashtami की हार्दिक सुभकामनाये। आज में आपको बताऊंगा कृष्णा जन्मष्टमी से जुड़ी रोचक तथ्य।

Navratri साल में do baar kyu manayi jaati he

नमस्ते दोस्तों. कैसे हे आप सभी. नवरात्री बड़ा धूमधाम और श्रद्धा से मनाये जाने वाला त्यौहार हे. नवरात्री आते ही हम सभी...

9 Days of Navratri (Navdurga)

नमस्कार मित्रो। नवरात्री 9 दिन मनाए जाने वाला प्राचीन त्यौहार हे। नवरात्री की राते(9 days of Navratri) साधना और पूजा के लिए...

7th Day of Navratri (Kalratri)

नमस्कार मां के भक्त जनों. नवरात्रि की छठी रात्रि (7th Day of Navratri) पर हम देवी कालरात्रि की पूजा करते हैं. पिछली बीती...